Valentine's Day Spacel Shayri
यूँ तो ये गिलास कितना छोटा है पर न जाने कितनी बोतलें पी गया होगा ...
खुलकर रोने की भी आजादी नहीं मीली हमे खुश रहने का इतना दबाव था हम पर ,
बचपन मे ऐसे रोता था कि पूरा मोहलला जाग जाता था और अब रोता हुं तो आँखो को भी खबर नहीं होती !!
सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती तो माली सारे शहर का महबूब बन जाता
वो मेरी पीठ में खंजर जरूर उतारेगा मग़र निगाह मिलेगी तो कैसे मारेगा
मेरी आँखो ने पकड़ा है , उन्हें कई बार रंगे हाथ ,,,,, वो इश्क करना तो चाहते है , मगर घबराते बहुत है ... !!!
" ईद पर गले मिल कर उसने धीरे से कहा , ये दुनिया कि रश्म है , इसे मोहब्बत ना समझ लेना "